- तीन दिवसीय संगीत सम्मेलन में प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत गायक अपने गायन की मधुर स्वर लहरियों से समां बांधेगें संगीत प्रेमियों का
चंडीगढ़ 15 सिंतबर 2025: इंडियन नेशनल थियेटर द्वारा दुर्गा दास फाउंडेशन के सहयोग से तीन दिवसीय 47वां वार्षिक संगीत सम्मेलन 19 सिंतबर से 21 सितंबर तक सेक्टर 26 स्थित स्ट्रोबरी फील्डस हाई स्कूल के सभागार में आयोजित किया जायेगा। इस भव्य संध्या में एक ओर जहाँ शास्त्रीय संगीत गायक अपने गायन की मधुर स्वर लहरियों से संगीत प्रेमियों का समां बांधेगें, वहीं इस अवसर पर संगीत प्रेमियों को तालवाद्यों और सुरों का अद्भुत संगम सुनने को मिलेगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए इंडियन नेशनल थियेटर के प्रेसिडेंट अनिल नेहरू व मानद सैक्रेटरी विनीता गुप्ता ने बताया कि पहले दिन 19 सिंतबर को साय 6:30 बजे रमणा बालाचंद्रन कर्नाटिक परंपरा में वीणा वादन प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने बताया कि रमणा बालाचंद्रन एक विलक्षण वीणा वादक हैं, जिनकी ख्याति भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। वे कर्नाटक राग-केन्द्रित संगीत प्रस्तुत करते हैं, जिसमें मनोधर्म और सहजता का अनोखा संगम दिखाई देता है।
आपकी प्रस्तुति के दौरान कुचिभोटला साई गिरिधर, मृदंगम पर, चंद्रशेखर शर्मा, घटम पर, जी. गुरु प्रसन्ना, खंजीरा पर संगत करेंगे। वीणा वादन की प्रस्तुति के पश्चात पंडित रामकुमार मिश्रा, उत्तर भारतीय तालवाद्य का प्रतिनिधित्व करते हुए, तबला पर कर्नाटक व आद्यकारों के साथ परकशन एन्सेम्बल प्रस्तुत करेंगे। इनके साथ विनय मिश्रा, हारमोनियम पर अपना लहरा का साथ देंगे। इनका यह तालवाद्य समूह (परकशन एन्सेम्बल) द्दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविधता और गहराई का अद्भुत अनुभव करवाएगा, जो इस दिन का विशेष आकर्षण होगा। सभी उच्च कोटि के कलाकार होने के नाते देश विदेश में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचो से कई बार सम्मानित किए जा चुके हैं।
विनीता गुप्ता ने बताया कि संगीत संध्या के दूसरे दिन शास्त्रीय संगीत गायिका रुचिरा केदार और शास्त्रीय संगीत गायक पंडित ईमान दास श्रोताओं को अपनी गायन प्रस्तुति देंगे।
उन्होंने बताया कि विदुषी रुचिरा केदार आज भारत की अग्रणी युवा हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिकाओं में से एक मानी जाती हैं। उन्होंने ग्वालियर-जयपुर घराने की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली एक प्रतिभाशाली मार्गदर्शिका के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ख़याल, ठुमरी, दादरा, होरी, कजरी जैसी विविध शास्त्रीय एवं अर्धशास्त्रीय शैलियों में उनकी भावपूर्ण और निपुण प्रस्तुतियों ने श्रोताओं और संगीतप्रेमियों के हृदय में गहरी छाप छोड़ी है।
वहीं विदुषी रुचिरा केदार की प्रस्तुति के बाद पंडित ईमान दास भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रमुख समकालीन प्रतिनिधियों में से एक हैं। पटियाला घराने के इस अनमोल रत्न ने पंडित अजय चक्रवर्ती और पंडित शांतनु भट्टाचार्य जैसे दिग्गज गुरुओं के मार्गदर्शन में अपनी कला को निखारा। उनके मनमोहक प्रस्तुतियों ने न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर के संगीतप्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया है।
इंडियन नेशनल थियेटर के प्रेसिडेंट अनिल नेहरू ने बताया कि सम्मेलन के अंतिम दिन 21 सिंतबर को पंडित डॉ. राम देशपांडे अपने शास्त्रीय गायन की मनमोहक प्रस्तुति सुबह 11:30 बजे देंगे।
उन्होंने बताया कि पंडित डॉ. राम देशपांडे, भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा ग्वालियर घराने के ध्वजवाहक अग्रणी गायक हैं।
विनीता गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान कलाकारों के साथ तबले पर राम कुमार मिश्रा, विनोद लेले तथा हारमोनियम पर विनय मिश्रा संगत करेंगे। उन्होंने बताया कि यह संगीत सम्मेलन सभी संगीत प्रेमियों के लिये आयोजित किया जा रहा है जिसमें निःशुल्क प्रवेश रहेगा।
