श्री राधा-कृष्ण मन्दिर सेक्टर 40 मे पितृपक्ष के अवसर हो रही कथा की जानकारी देते हुए मंदिर के महासचिव विनय कपूर ने बताया की श्रीमद्भागवत कथा भागवत व्यास उद्वव कौंदड महाराज (सहारनपुर वाले) ने कथा के तीसरे दिन महाराज श्री ने वामन भगवान के चरित्र का उल्लेख करते हुऐ बताया कि असुरराज बलि ने तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया था। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया और ब्राह्मण बालक के रूप में बलि से केवल तीन पग भूमि का दान माँगा। बलि ने यह दान स्वीकार किया तो वामन भगवान विराट त्रिविक्रम रूप में प्रकट हुए। एक पग में उन्होंने पृथ्वी को, दूसरे पग में आकाश और स्वर्ग लोक को माप लिया। तीसरे पग के लिए स्थान न मिलने पर बलि ने अपना शीश समर्पित कर दिया।
इस के साथ-साथ कथा व्यास ने उपस्थित भक्तों को भगवान की भक्ति तथा ध्रुव महाराज की अदम्य श्रद्धा का महत्व सुनाते हुऐ कथा में बताया गया कि बालक ध्रुव, जिन्हें पिता का स्नेह नहीं मिला, उन्होंने माता की प्रेरणा से वन में उन्हें अमर ध्रुवपद प्रदान किया। यह कथा इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और सच्ची भक्ति से ईश्वर अवश्य प्रसन्न होते हैं।महाराज श्री के सुन्दर भजनो पर प्रभु प्रेमियो ने खूब नृत्य का आनंद लिया कथा उपरांत आरती कर प्रशाद वितरित किया गया
कथा के तीसरे दिन महाराज श्री ने वामन भगवान के चरित्र का उल्लेख किया
