विषय : अमरजीत कुमार, AIDYO महासचिव, ने नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे प्रदर्शनकारियों पर हुए क्रूरतम हमले, जिसमें 24 लोगों की जान गई, की कड़ी निंदा करते हुए निम्नलिखित बयान जारी किया है –
नेपाल के जनता ने 2008 में लोकतंत्र की चाह में शोषणकारी राजतंत्र को उखाड़ फेंका था। लेकिन पिछले 17 वर्षों में सत्ता में आई 13 लगातार सरकारों ने केवल शासक पूंजीपति वर्ग और साम्राज्यवादी ताकतों के हित में ही काम किया है। किसी भी सरकार ने जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा नहीं की और न ही जनता की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा किया। नेपाल की सभी बुर्जुआ राजनीतिक पार्टियों के मंत्री और नेता गहरे भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। बेरोज़गारी ने युवा पीढ़ी को रोज़ी-रोटी की तलाश में देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। यही युवा पीढ़ी आज भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रही है और पूरे देश में उग्र प्रदर्शन कर रही है।
शुरुआत में प्रधानमंत्री के. पी. ओली की सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया और फिर प्रदर्शनकारियों पर क्रूर हमला किया। इस हिंसा में अब तक कम से कम 24 लोगों की जान जा चुकी है और 300 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लेकिन जनता पर यह अन्यायपूर्ण हमला आंदोलन की आग को बुझा नहीं सका और आज प्रधानमंत्री के. पी. ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गेनाईजेशन (AIDYO) नेपाल के संघर्षरत युवाओं के साथ गहरी एकजुटता व्यक्त करता है और आंदोलन में शहीद हुए युवाओं की मौत पर गहरा शोक प्रकट करता है।
साथ ही, हम यह भी कहना चाहते हैं कि भ्रष्टाचार, महंगाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला पूंजीवादी व्यवस्था के अनिवार्य परिणाम हैं। इसलिए जब तक इस व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक संघर्ष नहीं किया जाता, मात्र सरकार बदलने से आंदोलन का उद्देश्यपूर्ण लक्ष्य पूरा नहीं होगा। इतिहास ने यह साबित किया है कि कोई भी न्यायसंगत आंदोलन जब तक सही नेतृत्व और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सुसज्जित नहीं होता, तब तक आम जनता के बलिदान का दुरुपयोग स्वार्थसिद्धि के लिए होती रहेंगी और जनता फिर से धोखा खाती रहेगी।
नेपाल में लोकतंत्र बहाल करो।
नेपाल के संघर्षरत युवाओं के साथ एकजुटता ज़िंदाबाद।
भारत और नेपाल के मेहनतकश वर्ग की एकता ज़िंदाबाद।
बेरोज़गारी ने युवा पीढ़ी को रोज़ी-रोटी की तलाश में देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया
