गाय से ही पूरे होते है सोलह संस्कार:: आचार्य सीता शरण

चण्डीगढ़: ( )गोपाल गोलोक धाम कैम्बाला गोशाला चण्डीगढ़ द्वारा धेनुमानस गो कथा आचार्य सीता शरण जी महाराज के श्री मुख से गोलोक धाम कैम्बाला परिसर में हो रही हैं कल कथा विराम के अवसर पर 9 सितम्बर को सुबह हवन यज्ञ और कथा सुबह 10 बजे से 2 बजे दोपहर तक होगी और कथा उपरांत भंडारा होगा आज कथा मे
कथा व्यास आचार्य सीता शरण महाराज द्वारा गोकथा मे श्रद्धालुओं को वेद-पुराणों में वर्णित गोमाता की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाले सभी संस्कारों में गोमाता से प्राप्त पंचगव्य का इस्तेमाल किया जाता है। फिर भी गाय माता के संरक्षण के प्रति हम सचेत नहीं हो रहे हैंआज गोकथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में गोभक्त गोशाला पहुंचे। इस अवसर आचार्य सीताशरण महाराज ने मधुर भजनों के साथ गोकथा की महिमा का गुणगान किया और गोमाता का वैज्ञानिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति यदि गाय माता के शरीर पर इक्कीस बार हाथ फेर ले तो उसका रक्तचाप सामान्य हो जाता है। आज गोमूत्र का प्रयोग औषधि बनाने में किया जा रहा है इस अवसर पर गड़वाल समाज,उतरांचल समाज के गणमान्यो के साथ टॉयसिटी की विभिन्न कीर्तन मंडलियों के गो भक्तो ने कथा में उपस्थिति दी कथा उपरान्त आरती कर प्रसाद भंडारा वितरित किया गया

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