Chandigarh
अग्रणी सांस्कृतिक संस्था प्राचीन कला केन्द्र द्वारा 310 वीं मासिक बैठक का आयोजन केंद्र के एम एल कौसर सभागार में सायं 6:30 बजे से किया गया । जिसमें दिल्ली के युवा एवं प्रतिभाशाली तबला वादक राहुल मिश्रा ने एकल तबला वादक की जोरदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया ।
युवा और प्रतिभाशाली तबला वादक और संगीतकार राहुल मिश्रा बनारस घराने से ताल्लुक रखते हैं राहुल ने पाँच साल की छोटी सी उम्र में ही अपने पिता दिग्गज तबला वादक पंडित राम कुमार मिश्रा से तबला सीखना शुरू कर दिया था। वह दिग्गज कलाकारों के परिवार से आते हैं और उस्ताद पं. राम कुमार मिश्र के पुत्र हैं, जो महान गायक पद्म विभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र के पोते और तबला सम्राट स्वर्गीय पं. अनोखेलाल मिश्र के परपोते हैं।यह परिवार सदियों से संगीत के प्रति अपने पूर्ण समर्पण से अपने श्रोताओं को चकित करने में हमेशा सफल रहा है ।
उन्होंने न केवल एकल वादन बल्कि पं. छन्नू लाल मिश्र, पं. जसराज, पं. हरिप्रसाद चौरसिया, पं. शिव कुमार शर्मा और पं. विश्वमोहन भट्ट जैसे कई जीवित दिग्गजों के साथ संगत की है। उन्होंने वर्ष 2019 में प्राचीन कला केंद्र के 49वें अखिल भारतीय भास्कर राव नृत्य एवं संगीत सम्मेलन और 2018 में दिल्ली में आयोजित 11वीं त्रैमासिक बैठक में अपने पिता के साथ तबला युगल वादन किया है। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
आज के कार्यक्रम की शुरुआत राहुल ने तीन ताल में पेशकार से की और इसके उपरांत पारम्परिक उठान, रेले,कायदे,पलटे, गतें बहुत खूबसूरती से पेश की । इसके उपरांत इन्होंने बनारस घराने की कुछ प्राचीन गतें बंदिशें इत्यादि पेश करके खूब तालियां बटोरी । राहुल के सधे हुए वादन में उनकी विशिष्ट शैली की झलक दिखती है । इसके अलावा राहुल ने बनारस घराने की खूबसूरत पारंपरिक शैली का बखूबी प्रदर्शन करके दर्शकों की तालियां बटोरी।
कार्यक्रम में इनके साथ दिल्ली के जाने माने हारमोनियम वादक ललित सिसोदिया ने हारमोनियम पर बखूबी संगत की । कार्यक्रम के अंत में केन्द्र के सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को उत्तरीया मोमेंटो देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर राहुल मिश्रा के पिता पंडित राम कुमार मिश्रा भी उपस्थित थे।
