Chandigarh
सरकारी वाणिज्य एवं व्यापार प्रशासन महाविद्यालय, सेक्टर-50, चंडीगढ़ की एनएसएस एलुमनी द्वारा प्राचार्या प्रोफेसर डॉ. निशा अग्रवाल, डीन डॉ. संगम कपूर एवं उप-प्राचार्य डॉ. अमरप्रीत सिंह सिज्जेर के मार्गदर्शन में एक प्रेरणात्मक ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य प्रथम वर्ष के छात्रों को एनएसएस की महत्ता, उसके उद्देश्य एवं “विकसित भारत” के अंतर्गत भारत पोर्टल की उपयोगिता से अवगत कराना था ताकि वे सेवा, नेतृत्व और सीखने की इस अद्भुत यात्रा की ओर प्रेरित हो सकें।
इस कार्यक्रम का संचालन कॉलेज की पूर्व एनएसएस स्वयंसेविका एवं पाँच वर्षों तक एनएसएस से जुड़ी रहीं सुश्री श्रेया दत्त द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों को एनएसएस के तथ्यात्मक पहलुओं के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि एनएसएस न केवल समाज सेवा का माध्यम है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास, नागरिक जिम्मेदारी, सहानुभूति एवं टीम भावना का भी प्रतीक है। इसका प्रतीक चिन्ह एवं उद्देश्य निरंतर सेवा, ऊर्जा एवं सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाते हैं। एनएसएस केवल एक योजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक निःस्वार्थ यात्रा है।
उन्होंने बताया कि कैसे सफाई अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रमों में भागीदारी ने उनके जीवन को बदल दिया। इसके साथ ही विशेष शिविरों, राष्ट्रीय एकता शिविरों एवं युवा महोत्सवों ने उनके नेतृत्व कौशल को भी निखारा और सेवा भावना को जीवनभर के लिए मजबूत किया।
उन्होंने “मेरा भारत पोर्टल” के बारे में भी जानकारी दी, जो कि युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय द्वारा “विकसित भारत” के अंतर्गत प्रारंभ किया गया एक समर्पित मंच है। यह मंच युवाओं को कौशल विकास, मार्गदर्शन, एवं व्यावहारिक अनुभव के अवसर प्रदान करता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप हैं। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल:
व्यक्तिगत विकास, कौशल वृद्धि एवं सामाजिक सहभागिता के लिए अवसर प्रदान करता है,
भारत के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करता है,
प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है,
सामाजिक अभियानों व सरकारी पहलों में पंजीकरण की सुविधा देता है,
युवा महोत्सव, हैकाथॉन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी देता है,
प्रतिभागी छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान करता है, जिससे उनके शैक्षणिक व करियर प्रोफ़ाइल में वृद्धि होती है,
पेशेवर रेज़्यूमे निर्माण जैसी सुविधाएँ भी प्रदान करता है।
उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्हें एनएसएस राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया और चंडीगढ़ प्रशासन से प्रशंसा पत्र भी प्राप्त हुआ।
अपने प्रेरणात्मक संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि एनएसएस का असली पुरस्कार कोई ट्रॉफी या सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि वह आंतरिक परिवर्तन है जो यह स्वयंसेवक के भीतर लाता है। जब दुनिया “पहले मैं” की सोच रखती है, तब एनएसएस “पहले आप” की भावना सिखाता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने कॉलेज जीवन को सार्थक बनाएं, समाज के लिए बदलाव लाने वाले बनें, और एनएसएस से जुड़कर सेवा, विकास एवं प्रभाव की यह यात्रा शुरू करें।
सुश्री वंदना जैन
(एनएसएस एलुमनी प्रभारी)
डॉ. अमरप्रीत सिंह सिज्जेर
(उप-प्राचार्य)
डॉ. आरती कौशल
(सदस्या)
डॉ. संगम कपूर
(डीन)
प्रो. डॉ. निशा अग्रवाल
(प्राचार्या)
