जीएमएसएसएस-21ए, चंडीगढ़ में पर्यावरण सोसायटी ऑफ इंडिया के सहयोग से “जामुन दिवस” मनाया गया

चंडीगढ़, 16 जुलाई, 2026: राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-21ए, चंडीगढ़ में द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया, चंडीगढ़ के सहयोग से “जामुन दिवस” बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा देशी फलदार वृक्षों, विशेषकर जामुन के महत्व को रेखांकित करना था।

कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सुखपाल द्वारा पर्यावरण सोसायटी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का हार्दिक स्वागत करते हुए किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण हितैषी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है तथा प्रत्येक व्यक्ति अपने छोटे-छोटे प्रयासों से हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

इस अवसर पर द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया, चंडीगढ़ के सचिव श्री एन. के. झिंगन ने विद्यार्थियों को जामुन फल एवं जामुन वृक्ष के औषधीय, पोषण संबंधी तथा पर्यावरणीय महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जामुन एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन तथा खनिज तत्वों से भरपूर होता है तथा विशेष रूप से रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) के स्तर को नियंत्रित रखने में अत्यंत लाभकारी माना जाता है। उन्होंने देशी फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं अधिकाधिक रोपण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे जैव विविधता एवं पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।

श्री झिंगन ने बताया कि द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया पिछले **30 वर्षों से भी अधिक समय से भारत एवं विदेशों में निरंतर “जामुन दिवस” मनाने वाली पहली और संभवतः एकमात्र संस्था है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष बड़ी मात्रा में प्राकृतिक रूप से पके हुए जामुन लोगों द्वारा नहीं उठाए जाने के कारण व्यर्थ नष्ट हो जाते हैं, जबकि सभी इनके औषधीय गुणों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि जामुन पूरी तरह प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त फल है तथा लोगों को वृक्ष से स्वाभाविक रूप से गिरे हुए जामुनों को साफ स्थान से उठाकर अच्छी तरह धोकर खाने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार आम के फलों के साथ भी ऐसा किया जा सकता है। इससे खाद्य पदार्थों की बर्बादी रुकेगी तथा लोगों को पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक फल उपलब्ध होंगे।

विद्यालय के पैरट इको क्लब के प्रभारी श्री सेवा सिंह ने विद्यार्थियों को क्लब द्वारा संचालित विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को वृक्षों की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवनदाता हैं, क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, वायु की गुणवत्ता में सुधार करते हैं, जैव विविधता का संरक्षण करते हैं तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

द एनवायरमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया की संयुक्त सचिव सुश्री प्रीती कपानी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की प्राचार्या, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने सोसायटी को विद्यालय परिसर में “जामुन दिवस” आयोजित करने तथा विद्यार्थियों को जामुन फल एवं वृक्ष के पोषण, औषधीय एवं पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों को ताजे एवं स्वादिष्ट जामुन वितरित किए गए, जिनका सभी ने भरपूर आनंद लिया।

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के दूत बनने की अपील के साथ हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में जामुन वृक्ष के पर्यावरणीय, औषधीय एवं पोषण संबंधी महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई तथा उन्हें प्रकृति संरक्षण के प्रति और अधिक प्रतिबद्ध बनने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर इंजीनियर अशोक कुमार बंसल, राकेश कुमार शर्मा, सरदार परमिंदर सिंह, राकेश वर्मा तथा सुश्री चांदनी शर्मा भी उपस्थित थे और उन्होंने भी स्वादिष्ट जामुन का आनंद लिया।

अगला “जामुन दिवस” एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम रविवार, 19 जुलाई, 2026 को प्रातः 10:30 बजे एल.बी. एनक्लेव, सेक्टर-49बी, चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।

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