सतलुज फिल्म को तत्काल रिलीज़ किया जाए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनावश्यक रोक लोकतंत्र के विरुद्ध: एडवोकेट विवेक हंस गरचा

चंडीगढ़, 13 जुलाई: न्यू कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के केंद्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने पंजाबी फिल्म “सतलुज” के समर्थन में अपना स्पष्ट रुख व्यक्त करते हुए फिल्म की शीघ्र रिलीज़ की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस एवं वैधानिक आधार के किसी फिल्म की रिलीज़ में बाधा उत्पन्न करना कलाकारों की वर्षों की मेहनत, रचनात्मक अभिव्यक्ति और भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि पंजाबी सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध भाषा, संस्कृति, इतिहास और सामाजिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का सशक्त मंच है। यदि किसी फिल्म की विषय-वस्तु को लेकर किसी वर्ग को आपत्ति है, तो उसका समाधान कानून और संविधान के दायरे में किया जाना चाहिए, न कि दबाव, विरोध या प्रतिबंध के माध्यम से।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है तथा कलाकारों को अपनी रचनात्मक सोच को प्रस्तुत करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। यदि किसी फिल्म को संबंधित वैधानिक एवं सेंसर संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं, तो उसकी रिलीज़ में अनावश्यक विलंब या अवरोध उचित नहीं है।

न्यू कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से आग्रह किया कि फिल्म “सतलुज” की शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित रिलीज़ सुनिश्चित की जाए तथा ऐसा वातावरण बनाया जाए जिसमें दर्शक स्वयं यह निर्णय ले सकें कि वे फिल्म देखना चाहते हैं या नहीं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम निर्णय जनता का होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि न्यू कांग्रेस पार्टी सदैव लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक अधिकारों, कला, संस्कृति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रही है तथा भविष्य में भी बिना किसी वैधानिक आधार के रचनात्मक अभिव्यक्ति को दबाने के हर प्रयास का लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध करती रहेगी।

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