संस्थापक और प्रसिद्ध समाजसेवी, श्री अनूप सरीन के नेतृत्व में चंडीगढ़ के विभिन्न मंदिरों में मिट्टी के सकोरे प्रदान किए गए।

भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान संस्था के सदस्यों द्वारा अपने संस्थापक और प्रसिद्ध समाजसेवी, श्री अनूप सरीन के नेतृत्व में चंडीगढ़ के विभिन्न मंदिरों में मिट्टी के सकोरे प्रदान किए गए। श्री अनूप सरीन जी ने सब से अनुरोध और आह्वान किया कि गर्मियों में पक्षियों के लिए छत, बालकनी या खिड़की पर मिट्टी के सकोरे (बर्तन) में रोज ताजा पानी रखें। यह न केवल उनकी प्यास बुझाता है, बल्कि उन्हें नहाने की जगह भी देता है, जो भीषण गर्मी में उनके जीवन को बचाने के लिए बहुत जरूरी है।

पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था:
• मिट्टी के बर्तन का उपयोग करें: स्टील या प्लास्टिक की जगह मिट्टी का सकोरा (कुंडा) सबसे अच्छा है क्योंकि यह पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखता है।
• रोजाना बदलें पानी: पक्षियों के लिए हर दिन सुबह-शाम साफ और ताजा पानी रखें, ताकि कीड़े या काई न पनपे।
• छायादार जगह: बर्तनों को सीधी धूप से दूर, छाया वाली जगह पर रखें।
• सुरक्षित स्थान: बर्तन को ऐसी जगह रखें जहाँ बिल्लियों का डर न हो।
• गहराई का ध्यान: बर्तन बहुत गहरा नहीं होना चाहिए, ताकि छोटे पक्षी भी आसानी से पानी पी सकें।
इस अवसर पर श्री शिव मंदिर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी डब्लस्टोरी धनास चंडीगढ़ परम पूज्य पं सूरज मिश्रा जी महाराज, पं हर्षमणी मैठाणी जी, शिव करण राणा जी, प्रेम जी, विजय कुमार जोशी जी, विश्व गुप्ता जी, प्रवीण जी, अंबिका प्रसाद नौटियाल जी और बसंत कुमार जोशी जी आदि उपस्थित रहे।

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