चंडीगढ़। चंडीगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा यू.टी. शेयर और वित्त वर्ष 2025–26 के बकाया एरियर जारी न करने तथा डी.सी रेट के अनुसार वेतन संशोधन लागू न करने पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। इस संबंध में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने नोडल अधिकारी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध कार्यक्रम की सूचना संबंधी पत्र की प्रतियां चंडीगढ़ के सभी उच्चाधिकारियों को ईमेल के माध्यम से भेज दी गई हैं।
संघ की प्रधान बबीता रावत ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2021 में 3.92 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के अतिरिक्त व्यय की लिखित स्वीकृति पहले ही प्रदान की जा चुकी है। इसके बाद माननीय सचिव स्वास्थ्य ने चंडीगढ़ के डी.सी. रेट के अनुरूप वेतन लागू करने पर सहमति भी दी थी। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से यह प्रस्ताव एक्जीक्यूटिव कमेटी और गवर्निंग बॉडी की बैठकों में लगातार रखा और अनुमोदित किया जाता रहा है।
इसके बावजूद, इस वर्ष एजेंडा प्रस्तुत न किए जाने अथवा किसी प्रशासनिक त्रुटि के कारण न तो वेतन संशोधन लागू हुआ और न ही पूर्व स्वीकृत एरियर जारी किए गए।
उप प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि यूनियन द्वारा 13 जनवरी 2026 को भेजे गए पत्र तथा 15 फरवरी 2026 को भेजे गए रिमाइंडर के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
इसी के चलते यूनियन ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है—
1. सांकेतिक काला फीता विरोध
दिनांक: 10 मार्च 2026
सभी एनएचएम कर्मचारी ड्यूटी के दौरान काला फीता/बैज पहनकर विरोध दर्ज कराएंगे।
2. सामूहिक रोष प्रदर्शन
दिनांक: 18 मार्च 2026
स्थान: Government Multi Specialty Hospital Sector 16
समय: दोपहर 3:30 बजे से 5:30 बजे तक
मिशन डायरेक्टर, एनएचएम कार्यालय के समक्ष दो घंटे का शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इन शांतिपूर्ण कार्यक्रमों के बाद भी विभाग कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाता, तो आंदोलन के अगले चरण की घोषणा कर संघर्ष को तेज किया जाएगा।
यूनियन ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके तथा चंडीगढ़ की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहें।
