जाति-भेद और ऊँच-नीच को समाप्त कर ही सच्ची सामाजिक एकता का निर्माण होगा: रामेश्वरी

  • नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन ही राष्ट्र को मजबूत करना: रामेश्वरी

भूरी वाला आश्रम मुल्लापुर में धर्म–सेवा समिति न्यू चंडीगढ़ के तत्वावधान में एक भव्य धार्मिक–सामाजिक सम्मेलन हुआ इस कार्यक्रम शुभ आरम्भ हवन यज् से हुआ कार्यक्रम मे राष्ट्र और मानवता के कल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाएँ की गईं इस अवसर पर कार्यक्रम मे श्रीमान संदीप कटोच अध्यक्ष के रूप में और श्री योगेंद्र चोपड़ा कार्यक्रम में संयोजक के रूप में मच पर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी आदरणीय श्री रामेश्वर जी द्वारा समाज में आवश्यक पाँच मूलभूत परिवर्तनों—सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी व आत्मनिर्भरता तथा नागरिक कर्तव्य—पर अत्यंत प्रेरक और सारगर्भित मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि जाति-भेद और ऊँच-नीच को समाप्त कर ही सच्ची सामाजिक एकता का निर्माण किया जा सकता है। पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण, पर्यावरण के प्रति सजगता, भारतीय स्वाभिमान को बढ़ावा देना और नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन ही राष्ट्र को मजबूत करते हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय की शोधार्थी डॉ. निर्मल कौर ने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी दिहाड़ी के अवसर पर गुरु साहिब और उनके परिवार द्वारा दिए गए विश्व–कल्याणकारी बलिदान को अत्यंत भावपूर्ण तरीके से स्मरण किया। उन्होंने उनके त्याग को मानवता की रक्षा की महान परंपरा का सर्वोच्च आदर्श बताया।
इस अवसर पर राजयोगिनि ब्रहमा कुमारी परमजीत बहन , परम पूजनीय स्वामी नित्यानंद रमता रामजी महाराज का सम्मान-चिन्ह भेंट किया

इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों—IAS–PCS समिति, मनोहर इंफ्रा मुल्लापुर, इको सिटी, डीएलएफ, अंबिका, ओमेक्स , जयंती देवी और आसपास के गाँवों से लगभग 600 श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम मे भाग लिया
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को भंडारा परसाद वितरित किया,

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