श्री शिव महापुराण कथा का तृतीय दिवस श्रद्धा और ज्ञान से ओतप्रोत

चंडीगढ़, 7 फरवरी
चंडीगढ़, सेक्टर 29 ए स्थित श्री बाबा बालक नाथ मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा का तृतीय दिवस भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। यह दिव्य कथा 11 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन शाम 4:00 से 7:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा का वाचन सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री गोपाल शुक्ल जी महाराज द्वारा किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान श्रीमती जोत्सना शर्मा जी हैं, जबकि मंदिर के प्रधान श्री विनोद कुमार चड्ढा सहित सभा की समस्त कार्यकारिणी का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।
तृतीय दिवस की कथा में तीन प्रमुख प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया—
धनपति कुबेर की उत्पत्ति की कथा में बताया गया कि कुबेर का जन्म ऋषि विश्रवा के घर हुआ, जो ब्रह्मा जी के पौत्र थे। कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने कुबेर को देवताओं का कोषाध्यक्ष बनाया तथा उन्हें अपार धन, पुष्पक विमान और उत्तर दिशा का स्वामित्व प्रदान किया। लंका से अलकापुरी तक की यात्रा और भगवान शिव से प्राप्त “धनपति” की उपाधि ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश दिया।
नारद मोह भंग प्रसंग में देवर्षि नारद के अहंकार के टूटने की कथा सुनाई गई। भगवान विष्णु की लीला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अहंकार भक्ति के मार्ग में सबसे बड़ा बाधक है और सच्चा ज्ञान विनम्रता से ही प्राप्त होता है।
भोलाभक्त और श्रीराम की कथा के माध्यम से यह प्रेरणा दी गई कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। सच्ची श्रद्धा, गुरु और भगवान में अटूट विश्वास ही सबसे बड़ा धन है। सच्चा भक्त खाली हाथ होकर भी प्रभु को पा सकता है।
कथा का सीधा प्रसारण “Gopal Ji Bhakti Marg” यूट्यूब चैनल तथा फेसबुक लाइव के माध्यम से भी किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालु भी इस पुण्य आयोजन का लाभ उठा रहे हैं।
शिव महापुराण कथा के दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।

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