आप सरकार की चौथी दिवाली पर भी परिवहन विभाग के कच्चे कर्मचारियों के हाथ खाली- रेशम सिंह गिल

  • सरकार ने पनबस/पीआरटीसी के निजीकरण की तैयारी कर ली है, कर्मचारी कैडर डाउन नीति और किलोमीटर स्कीम का कड़ा विरोध करेंगे- हरकेश कुमार विक्की
  • सरकार 1000 करोड़ रुपये बकाया होने के कारण वेतन और टायर, बैटरी, डीजल स्पेयर पार्ट्स देने में असमर्थ है। विभागों को 1200 करोड़ की मुफ़्त यात्रा सुविधा:- शमशेर सिंह ढिल्लों
  • पुराने विभागों को बचाने और परिवहन सुविधाओं को बचाने के लिए किसानों, मज़दूरों, कर्मचारियों, छात्र संगठनों से समर्थन की अपील:- बलविंदर सिंह राठ

चंडीगढ़:–आज दिनांक 18/10/2025 को पंजाब रोडवेज़ पनबस पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल, उप-प्रधान हरकेश कुमार विक्की, बलजिंदर सिंह बराड़ ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता में आए चार साल हो गए हैं, लेकिन परिवहन विभाग का कोई भी वारिस नहीं बन रहा है क्योंकि इन चार सालों में परिवहन विभाग के एक भी कच्चे कर्मचारी को स्थायी नहीं किया गया, एक भी सरकारी बस नहीं लगाई गई, नए परमिट मिलना या स्थायी भर्ती होना तो बहुत दूर की बात है। वहीं दूसरी ओर, कर्मचारी विभागों को बचाने और अपनी नौकरी को स्थायी करने के लिए अलग-अलग समय पर अपना संघर्ष जारी रखे हुए हैं, जिसमें 15 साल बाद भी कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की बजाय एक फर्जी नीति लाई गई है। जिसमें कर्मचारियों को स्थायी करने की बजाय उन्हें और अधिक कैजुअल बनाया जा रहा है। इस नीति को एक विशेष कैडर यानी डाउन कैडर के रूप में देखा जा सकता है। इसमें कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों जैसी कोई सुविधा नहीं है, लेकिन सरकार अपना पल्ला झाड़कर कर्मचारियों को धोखा दे रही है। इसके अलावा, कर्मचारियों का वेतन बढ़ाना या स्केल लागू करना तो दूर की बात है। हर महीने उन्हें अपना वेतन पाने के लिए बस स्टैंड बंद हड़ताल जैसे संघर्ष करने पड़ते हैं। सेवा नियमों को लागू करने की बजाय, कर्मचारियों को निकालने के लिए अवैध शर्तें लगाई गई हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री और हर मंत्री कहते हैं कि आउटसोर्स ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारियों को लूटा जा रहा है। ठेकेदार मंत्रियों के अपने चहेते हैं। इससे जीएसटी आयोग और कर्मचारियों को नुकसान होता है। लेकिन इस सरकार ने ठेकेदारों के माध्यम से लूट के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस सरकार के दौरान अब तक पनबस में 4 ठेकेदार बदले जा चुके हैं कर्मचारी बार-बार मांग पत्र भेजकर विरोध भी जता रहे हैं। मांगों का समाधान निकालने की बजाय सरकार यूनियन को बदनाम और दबाने में लगी है। इससे सरकार का भाई-भतीजावाद साफ़ ज़ाहिर होता है क्योंकि यह सरकार कर्मचारियों को दबाने और अपने चहेतों को मुनाफ़ा पहुँचाने में नंबर वन है। पूरे पंजाब को हर तरफ़ से लूटा जा रहा है, जिसके तहत परिवहन विभाग में बड़ी लूट चल रही है, जो पहले प्राइवेट माफ़िया के ज़रिए होती थी। अब उस लूट को सरकारी लूट बनाने के लिए किलोमीटर स्कीम के तहत सरकारी परमिट पर कॉर्पोरेट घरानों की प्राइवेट बसों का इस्तेमाल करके सरकारी ख़ज़ाने को लूटने की तैयारी है।

जिसके तहत वोल्वो, एचवीएसी और साधारण बसों के माध्यम से पनबस और पीआरटीसी विभागों से करोड़ों रुपये लूटे जाएंगे। इस संबंध में यूनियन ने विभिन्न पत्रों के माध्यम से आंकड़े भी दिए हैं, जिसमें एक वोल्वो बस समझौते की अवधि के दौरान 3-4 बसों का पैसा लेगी और बस भी निजी मालिक द्वारा ली जाएगी, जबकि इसके विपरीत यदि विभाग अपनी बस लोन पर लेता है, तो वह 15 साल तक विभाग में चलती है और बेरोजगारों को रोजगार भी मिलता है।

राज्य जनरल शमशेर सिंह ढिल्लों, कैशियर बलजीत सिंह, रोही राम ने कहा कि सरकार विभाग का निजीकरण करने पर आतुर है क्योंकि विभागों में लगातार बसें खराब हो रही हैं और अपनी एक भी बस नहीं दी गई है। इसके विपरीत सागो डिपो को टायर, बैटरी आदि स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। विभाग की बसें पिछले 2-2 महीनों से छोटे-मोटे कामों के कारण वर्कशॉप में खड़ी हैं। अधिकारी लोगों को यात्रा सुविधाएं प्रदान करने के लिए विभागों को चलाने में विफल नजर आ रहे हैं। इसके विपरीत स्पेयर पार्ट्स पूरे करके उन्हें चलाने तथा नई सरकारी बसें लाने की बजाय प्रति किलोमीटर मोटी रिश्वत लेने की नीयत से किलोमीटर स्कीम के तहत निजी मालिकों से ठेके लेने की तैयारी है, जिसके तहत निजी मालिकों को एसी बसों के लिए 5 से 6 लाख रुपये प्रति माह तथा साधारण बसों के लिए 1 लाख से 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह देने होंगे। यदि पूर्व का रिकार्ड खंगाला जाए तो कॉरपोरेट घरानों ने अलग-अलग नामों से लोन लेकर किलोमीटर स्कीम की बसें बनवाकर मोटा मुनाफा कमाया है। जिन्होंने पैसा कमाया है जिनके पास न तो कोई उचित अनुभव है और न ही वर्कशॉप की व्यवस्था है, फिर भी निजी मालिक बसें खरीदकर इस संस्था में चलाते हैं तथा उनकी किश्तें भी भरी जाती हैं तथा एक बस से चार बसें बनाई जाती हैं, तो फिर विभागों में सरकार द्वारा नियुक्त उच्च अधिकारी तथा विभिन्न पदों पर तैनात अन्य कर्मचारी इन संस्थाओं को क्यों नहीं चला पाते, यह बात कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है क्योंकि सरकारी बसों को लोन पर लेना पड़ता है तथा उनका लोन भी कर्मचारियों द्वारा ही भरा जाता है। अगर सरकार ने 23/10/25 और 17/11/2025 या भविष्य में किलोमीटर स्कीम बसों के टेंडर खोलने की कोशिश की और टेंडर रद्द नहीं किया तो पूरा पंजाब तुरंत बंद कर दिया जाएगा और पंजाब के मुख्यमंत्री के आवास पर धरना दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।

प्रदेश अध्यक्ष बलविंदर सिंह रथ, प्रदेश संयुक्त सचिव जोध सिंह, उदिक चंद, गुरप्रीत सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में 17 श्रेणियों और महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने और युद्ध, बाढ़ की स्थिति, कोरोना जैसी महामारी जैसी हर स्थिति में उपयोगी और लाभदायक इस संस्थान को बचाने की यह लड़ाई आम लोगों की है। अगर आज सरकारी संस्थानों को नहीं बचाया गया तो लोगों की यात्रा सुविधाएं खत्म हो जाएंगी और रोजमर्रा के काम के लिए गांवों से शहरों में जाने और बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए गांवों से शहरों और कॉलेजों में जाने की सुविधा बंद हो जाएगी। साथ ही, विकलांगों, दिव्यांगों, स्वतंत्रता, सुनामी आदि के लिए मुफ्त यात्रा सुविधाएं और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान परिवहन सुविधाएं बंद हो जाएंगी। संगठनों द्वारा विभागों को निजीकरण से बचाने के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है, इसलिए सभी से अपील है कि संघर्ष का हिस्सा बनें ताकि हम सब मिलकर विरासती विभागों को बचा सकें और युवाओं को रोजगार प्रदान कर सकें तथा परिवहन विभाग पंजाब को खुशहाल बनाने में सहयोग करें।

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