“द साउंड ऑफ़ कलर्स” – चित्रकार चिताक्षी एस. की एकल कला प्रदर्शनी आज से पंजाब कला भवन में शुरू

रंग, प्रकृति और भावनाओं का आत्मीय संगम; प्रदर्शनी 11 से 19 अक्टूबर तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, प्रवेश निःशुल्क
चंडीगढ़, 11 अक्टूबर 2025:
चंडीगढ़ की प्रसिद्ध चित्रकार और वास्तुकार चिताक्षी एस. की एकल कला प्रदर्शनी “द साउंड ऑफ़ कलर्स” का शुभारंभ आज पंजाब ललित कला अकादमी (पंजाब कला भवन), सेक्टर 16B, चंडीगढ़ में हुआ। यह प्रदर्शनी रंगों, भावनाओं और प्रकृति के मधुर मिलन को अभिव्यक्त करती है, और शहर के कला प्रेमियों, संग्रहकर्ताओं तथा सांस्कृतिक रसिकों को आकर्षित कर रही है।
प्रदर्शनी 11 से 19 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुली रहेगी और इसमें प्रवेश निशुल्क है।
प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन आज शाम 4:30 बजे माननीय श्री मनीष तिवारी, सांसद (चंडीगढ़) द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में आगंतुकों को कलाकार से सीधे संवाद करने और उनकी रचनात्मक यात्रा व प्रेरणा को समझने का अवसर मिलेगा।
“द साउंड ऑफ़ कलर्स” केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि रंगों के माध्यम से भावनाओं, स्मृतियों और प्रकृति की ध्वनियों को दर्शाने वाली एक दृश्यात्मक संगति है। इसमें चमकदार प्राकृतिक दृश्यों, कोमल पुष्प चित्रों और अमूर्त रचनाओं का संग्रह प्रस्तुत किया गया है, जो कलाकार के प्रकृति, स्मृति और लय से गहरे जुड़ाव को प्रकट करता है।
इस प्रदर्शनी के साथ-साथ चिताक्षी एस. की नई पुस्तक “द साउंड ऑफ़ कलर्स” का भी विमोचन किया जाएगा। यह पुस्तक उनके वर्षों की कलात्मक यात्रा का एक संकलन है, जो पाठकों को उनके शैलीगत विकास और विषयवस्तु की गहराई से परिचित कराती है।
कलाकार परिचय:
चिताक्षी एस. एक बहुआयामी कलाकार, वास्तुकार और “टेला आर्ट कंपनी” की संस्थापक हैं, जो मौलिक कला और अनुकूलित डिज़ाइन रचनाओं के लिए जानी जाती है। उन्होंने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, चंडीगढ़ से शिक्षा प्राप्त की और पंजाब से वास्तुकला में डिग्री तथा इंग्लैंड के लैंकेस्टर विश्वविद्यालय से प्रबंधन में स्नातकोत्तर किया है।
चित्रकला, वास्तुकला और परिदृश्य डिज़ाइन के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली चिताक्षी, अपनी रचनाओं में तकनीकी सटीकता और रचनात्मक स्वतंत्रता का अद्वितीय समन्वय प्रस्तुत करती हैं। वह “टेला आर्ट क्लब” की भी संस्थापक हैं, जो चंडीगढ़ में कला प्रेम को प्रोत्साहित करने और रचनात्मक समुदायों को जोड़ने का कार्य कर रहा है।
उनकी कला प्रकृति, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित होती है, जिससे वे शहर की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं।
कलाकार की ओर से:
“मेरे लिए हर रंग एक ध्वनि है — प्रकृति, भावना और स्मृति की एक प्रतिध्वनि। यह संग्रह उन्हीं ध्वनियों को दृश्य रूप देने का मेरा प्रयास है, ताकि दर्शक रंग को एक लय और स्पंदन के रूप में महसूस कर सकें।”
— चिताक्षी एस.
कार्यक्रम विवरण:
* तिथियाँ: 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2025
* समय: प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक
* उद्घाटन समारोह: 11 अक्टूबर, शाम 4:30 बजे | मुख्य अतिथि: श्री मनीष तिवारी, सांसद, चंडीगढ़
* स्थान: पंजाब ललित कला अकादमी (पंजाब कला भवन), सेक्टर 16B, चंडीगढ़
* प्रवेश: निःशुल्क और सभी के लिए खुला

Please follow and like us:
Pin Share
YouTube
Pinterest
LinkedIn
Share